केबिनेट मंत्री और पुलिस प्रशासन पर भारी पड़े इन दिलेरों के लिए मिला सिस्टम का तोहफा..

केबिनेट मंत्री और पुलिस प्रशासन पर भारी पड़े इन दिलेरों के लिए मिला सिस्टम का तोहफा..


दमोह - दमोह विधानसभा में काफी अरसे से उथल पुथल मची हुई है। साथ ही यह राजनैतिक सरगर्मी और आम नागरिकों में निवर्तमान विधायक व वर्तमान कैबिनेट दर्जा प्राप्त मंत्री राहुल सिंह के कांग्रेस से अलविदा कहने के बाद से भाजपा में शामिल होने के बाद राहुल सिंह से समूचे विधानसभा के लोगों में जम कर आक्रोश है। जिसका जीता जागता उदाहरण राहुल सिंह के विगत 3 माह बाद दमोह आगमन के दौरान देखने को मिला।

दरअसल 17 जनवरी 2020 रविवार के दिन दोपहर 12:00 बजे मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लौजिस्टिक कारपोरेशन के कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त होने के अवसर पर दमोह आगमन हुआ था। जहां तय कार्यक्रम के अनुसार राहुल सिंह के केबिनेट मंत्री बनने की खुशी व कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने के पूरे 3 महीनों बाद हो रहे दमोह नगर आगमन पर जगह जगह स्वागत समारोह आयोजित किए गए थे।


वहीं राहुल सिंह के दमोह नगर आगमन के चलते कांग्रेसियों में भी आक्रोश साफ झलकता दिखाई दिया जिन्होंने राहुल सिंह के पोस्टर्स पर कालिख पोतते हुए विरोध दर्ज किए वहीं आनन फानन में दर्जनों कांग्रेसियों के लिए कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर दमोह देहात थाना भेज दिया था। जहां उन्होंने अलग अंदाज में बुन्देली गीत में तब्दील करके राहुल सिंह के विरोध में " काए राहुल तुमने गजब कर दओ " गीत गाकर अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज किया। लेकिन मामला अभी ठंडा नहीं हुआ था। 



मध्यप्रदेश में लगातार बढ़ रही बेरोजगारी, किसान बिल, स्थानीय जनप्रतिनिधियों के दल बदल जैसे तमाम मुद्दों से खफा युवाओं ने राहुल सिंह के काफिले के शहर के राय चौराहा पहुंचते ही दमोह के दतला ग्राम निवासी युवा दृगपाल सिंह लोधी एवं ओरछा निवासी सुनील सिंह राजपूत ने पुलिस एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को धूल झोंकते हुए।

भरी भीड़ में राहुल सिंह के मुंह पर लोकतंत्र के गद्दारों को जूते मारो सालों को जैसे नारेबाजी करते हुए कालिख मुंह पर दे मारी साथ ही जूते चप्पल की बनाकर लाए माला को राहुल सिंह के लिए पहनाने में वे विफल रहे। जहां मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासनिक अमले ने दोनों युवकों के लिए गिरफ्तार करने में देर नहीं की ओर तत्काल ही गिरफ्तार करते हुए कोतवाली ले जाया गया। आपको बता दें कि कालिख से राहुल सिंह का आधा मुंह व कपड़ों पर कुछ छीटे पड़ चुके थे साथ ही राहुल सिंह की सुरक्षा व्यवस्था मे लगे कुछ पुलिस अधिकारियों पर भी कालिख के छीटे पड़े जिन्हें पोंछते हुए काफिला आगे बढ़ गया। 

आपको बता दें कि राहुल सिंह के दमोह नगर आगमन पर शहर के चप्पे चप्पे में सुरक्षा व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए कड़ी सुरक्षा का इंतजाम किया गया था। लेकिन इन दोनों युवकों ने पुलिस प्रशासन की इस व्यवस्था की पोल खोल दी और खुले आम दिलेरी के साथ इन्होंने राहुल सिंह के ऊपर कालिख फेकी साथ ही जूते चप्पल की माला पहनने का भी भरसक प्रयास किया। 


राजनीति से नहीं है इनका दूर दूर तक लेना देना...


आपको बता दें कि यह दोनों युवक देश के विभिन्न क्रांतिकारियों की जीवनगाथा को पढ़कर व इनके विचारों को आत्मसात करते हुए अपना जीवन यापन कर रहे है। और यह सोशल मीडिया के माध्यम से दल बदल कर बना ली सरकार के विरोध में है। साथ ही यह अच्छे लेखक भी है जो समय समय पर जनजागृति लाने के लिए क्रांतिकारियों के जीवन को आत्मसात करते हुए लेख लिखते है। यह पहला मामला नहीं है, वर्तमान में जिन्होंने दल बदल कर बना ली सरकार का दमोह ही में ही नहीं प्रदेश के ग्वालियर सागर ओरछा जैसे शहरों में भी यह विरोध प्रदर्शन कर जेल जा चुके है। और दलबदल कर बना ली सरकार की पोल जनता के सामने खोल चुके है। इन दोनों युवकों के साथ लगभग 2 दर्जन युवाओं की टोली है जिनका मकसद दल बदल कर गैर लोकतांत्रिक तरीके से लोकतंत्र व जनता के वोट नुमा विश्वाश को निजी स्वार्थों के चलते बेच कर सरकार बना लेने वाले जनप्रतिनिधियों से खासे खफा है।

लोगों के द्वारा सोशल मीडिया व मीडिया के माध्यम से यह कयास लगाए जा रहे है। की यह कांग्रेस पार्टी के इशारे पर उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया है। तो आपको बता दें कि इन दोनों युवकों का किसी भी राजनैतिक पार्टियों से कोई लेना देना नहीं है। यह केवल कामरेड व इंकलाबी आबाम जैसे युवा जागरूक संगठनों के प्रभावी व वर्तमान में क्रांतिकारी के रूप में उभरे हुए आम युवा है। इनका यह आक्रोश भी लाजमी है। और हो भी क्यों ना जब शहर के विकास कार्यों के लिए चुना गया जनप्रतिनिधि किसी निजी स्वार्थ के लिए दल बदल डाले तो जनप्रतिनिधि के भला आखिर क्या उम्मीद की जा सकती है। शहर के प्रत्येक नागरिक में राहुल सिंह के इस तरह दल बदलने से सारे दमोह विधानसभा के लोगों में आक्रोश है। बशर्ते फर्क इतना है। की इन युवाओं ने खुलकर चुनौती देते हुए। राहुल सिंह के खिलाफ मोर्चा खोला तो वहीं आम नागरिक आगामी उप चुनाव में सटीक जवाब देने की बात करते नजर आ रहे है। 


दल बदल कर केबिनेट मंत्री बने राहुल सिंह के ऊपर कालिख फेंकनेे एवं जूतों की माला पहनाने का प्रयास करने वाले दोनों युवकों को मिला तोहफा...


न्यायालय मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी दमोह ने राहुल सिंह में ऊपर कालिख फेंकने व जूतों की माला पहनाने का प्रयास करने वाले द्रगपाल सिंह पिता देवेंद्र सिंह उम्र 34 वर्ष ग्राम दतला थाना नोहटा जिला दमोह, सुनील राजपूत पिता जितेंद्र सिंह राजपूत उम्र 26 वर्ष निवासी ओरछा थाना ओरछा निवाड़ी की जमानत याचिका आज निरस्त कर दी है। घटना का संक्षिप्त विवरण यह है कि दिनांक 17 जनवरी 2021 को शाम करीब 5:30 बजे राय तिराहा पर राहुल सिंह अध्यक्ष वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक मध्यप्रदेश शासन केबीनेट मंत्री दर्जा प्राप्त की पैदल चल समारोह में आरोपियों द्वारा चप्पल की माला एवं  स्याही फेंकी गई थी। जो ड्यूटी पर तैनात सब इंस्पेक्टर एम.के. पांडे एवं थाना प्रभारी एचआर पांडे के ऊपर स्याही पड़ी। पुलिस द्वारा दोनों को पकड़ने का प्रयास किया। जिन्हे सख्ती से कोतवाली पुलिस के द्वारा गाड़ी में बिठा कर कोतवाली ले जय गया घा। वहीं दोनों युवकों के खिलाफ कोतवाली पुलिस के द्वारा शासकीय कार्य में बाधा डालने व लोक शांति भंग करने जैसी प्रमुख धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। 


वहीं सीजेएम कोर्ट ने फरियादी का जमानत आबेदन निरस्त करते हुए आगामी 2 फरबरी तक के लिए जेल भेजने का आदेश अभियोजन अधिकारी सतीश कपस्या द्वारा जमानत निरस्त करने हेतु तर्क प्रस्तुत किए। जिससे सहमत होकर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपियों की जमानत निरस्त की गई। अब दोनों युवा आगामी 2 फरवरी तक जेल में रहेंगे।


इस तरह से गैर लोकतांत्रिक तरीके से किए गए दल बदल से यह युवा खासे नाराज़ है। सीजेएम कोर्ट ने भले ही तमाम सबूतों के आधार पर इन्हें जेल भेज दिया हो लेकिन, इन्हे जमानत ना मिलने से भाजपा के खेमे में खुशी तो इनके इस तरह दिलेरी के साथ राहुल सिंह के खिलाफ इस तरह आक्रोश फोड़ने वाले इन युवाओं के लिए मीडिया व सोशल मीडिया के माध्यम से इन्हें भरपूर समर्थन प्राप्त हो रहा है। जिनकी दिलेरी के चर्चे राहुल सिंह के केबिनेट मंत्री बनने से ज्यादा दमोह शहर में यह युवा सुर्खियां बटोर रहे है। 


आपको बता दें कि इस पूरे घटनाक्रम में एक भाजपा नेता का भी शामिल होना सामने आया है। बहरहाल पुलिस ने दोपहर के वक्त इन दोनों युवकों की जिला चिकित्सालय जाकर एमएलसी करवाकर सीजेएम कोर्ट में पेश किया था जहां से उन्हें आगामी 2 सप्ताह के लिए जेल भेज दिया गया है। गुप्त सूत्रों के आधार पर यह भी जानकारी सामने आई है। की इनके साथ घटना की रात पुलिस के द्वारा बतदलूकी किए जाने के बाद यह दोनों युवा कोतवाली में ही भूंक हड़ताल पर बैठ गए थे। जिन्हे भारी मशक्कत के साथ पुलिस ने इन्हे कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया है। साथ ही मामले में संलिप्त अन्य भाजपा नेता की तलाश में भी अब जुट गई है। 


इस पूरी कार्यवाही में व राहुल सिंह के नगर आगमन के दौरान पुलिस प्रशासन के द्वारा विशेष पुलिस बल तैनात कर बड़ी मात्रा में प्रशासनिक अमला तैनात किया गया था। लेकिन इन दोनों युवकों ने पुलिस प्रशासन के फैले घने मकड़जाल को तोड़ते हुए। बीच चौराहे पर पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी और राहुल सिंह के पास पहुंच कर कालिख फेंखने में सफल व जूतों की माला पहनाने में यह विफल रहे। अब देखना होगा कि इस तरह विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस प्रशासनिक व्यवस्था में क्या सुधार देखने को मिलता है यह नहीं या फिर राहुल सिंह को किसी दिलेर से सामना करने के लिए तैयार रहना होगा। जानने के लिए जुड़े रहे अगली खबर के इंतजार में तहलका वॉइस के साथ...

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