दमोह पुलिस ने बांग्लादेश के रहने वाले बंगाली डॉक्टर को किया गिरफ्तार... बांग्लादेश का युवक फर्जी डिग्री की आड़ में विगत 9 वर्ष से चला रहा था क्लीनिक...

दमोह पुलिस ने बंगाल के रहने वाले बंगाली डॉक्टर को किया गिरफ्तार... बांग्लादेश का युवक फर्जी डिग्री की आड़ में विगत 9 वर्ष से चला रहा था क्लीनिक...


नरेन्द्र अहिरवार दमोह...✍️


दमोह - आप सभी ने फर्जी तरीके से डिग्री हासिल करने वाले मुन्ना भाइयों के बारे में तो जरूर सुना होगा लेकिन क्या कभी सुना है की एक पड़ोसी देश से आए युवा के द्वारा जिले में पहुंचकर फर्जी तरीके से दस्तावेज व डॉक्टर्स की डिग्री हासिल करके क्लिनिक संचालित कर रहा हो, नही ना ? लेकिन आज दमोह जिले में ठीक ऐसा ही मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक जिले के झलोंन गांव में निजी क्लीनिक संचालक विश्वजीत, विश्वास सारंग नाम का यह व्यक्ति विगत वर्ष 2012 से जिले में निवासरत था। जोकि गांव में फर्जी तरीके से डिग्री की आड़ में अपना निजी क्लीनिक चला रहा था। और फर्जी दस्तावेजों की आड़ में लंबे समय से लोगों की आंखो में धूल झोंक रहा था।


किस तरह हुई आरोपी की पहचान...


प्राप्त जानकारी के मुताबिक वर्ष 2018 में आरोपी के द्वारा राजधानी भोपाल में पासपोर्ट के लिए आवेदन किया गया था। लेकिन जब आरोपी के दस्तावेजों का वेरिफिकेशन किया गया। इस स्थिति में उसके पास एक पत्र पहुंचा और उसके दस्तावेजों की जांच की गई। आरोपी के दस्तावेजों की जांच में जानकारी प्राप्त हुई थी। की आरोपी के द्वारा दमोह में रहते हुए मूल निवास पैन कार्ड और आधार कार्ड जैसे डॉक्यूमेंट बिल्कुल फर्जी तरीके से बनवा लिए गय थे। आरोपी के द्वारा पासपोर्ट में जो अंकसूची संलग्न की गई थी। वह बंगाल के ढाका क्षेत्र की थी। जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और उस पर निगरानी करते हुए जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान पता चला कि यह फर्जी दस्तावेज बनाकर दमोह में निवास कर रहा है जिसके बाद दमोह पुलिस के द्वारा आरोपी फर्जी डॉक्टर के लिए तत्काल प्रभाव से गिरफ्तार करते हुए न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया हैं।


आरोपी कैसे पहुंचा दमोह...


जब इस संबंध में जब पुलिस से जानकारी ली गई। तब उन्होंने बताया कि उक्त आरोपी विश्वास सारंग बांग्लादेश के ढाका का रहने वाला है, जो कि पश्चिम बंगाल में अपने कुछ रिश्तेदारों की मदद से दमोह के झलौन गांव पहुंचा था आपको बता दें कि पूरे दमोह जिले में कई बांग्लादेशी डॉक्टर अपनी डॉक्टरी का धंधा जमाए हुए हैं, चिंता वाली बात यह है, कि आरोपी के द्वारा पासपोर्ट अप्लाई किया गया था। इस स्थिति में पूरा मामला सामने तो आ गया लेकिन ऐसे कई बंगाली डॉक्टर जिले में मौजूद हैं, जिनका फर्जी तरीके से डाक्टरी का व्यापार जिले भर में फल-फूल रहा हैं। आपको बता दें कि आरोपी के ऊपर 16 अक्टूबर 2021 को विदेशी विशेषक अधिनियम 12 पासपोर्ट अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया है और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया गया है।


घटना की जानकारी लगते ही आग की तरह फ़ैल गई खबर...


इस मामले के संज्ञान में आने के बाद जिले भर में यह ख़बर आग की तरह फ़ैल गई। और लोगों में ग्रामीण क्षेत्रों में बैठने वाले झोला छाप डॉक्टर्स से बिस्बास उठता नजर आया हो न हो तात्कालिक रूप से यह इलाज करके भले ही देवता के फर्ज निभा रहे हों लेकिन इनके बीच ऐसे कई फर्जी डिग्री धारी मुन्ना भाइयों के द्वारा भी अपने व्यापार में दिन दूगनी
रात चौग्नी तरक्की करते नजर आ रहे हैं।


जिला प्रशासन की बड़ी लापारवाही आई सामने...


जिले में पूर्व में भी फर्जी डिग्री धारी डॉक्टर्स पर कार्यवाही के मामले सामने आ चुके है। इसके बाबजूद भी इनपर नकेल कसने में पुलिस नाकाम साबित हुईं है। आख़िर यह युवक किस तरह प्रवेश करके विगत 9 वर्ष से जिले में निवासरत था और किसी को कानों कान ख़बर तक नही इस बात से यह अंदाजा लगाया जा सकता है की जिलेवासी कितने सुरक्षित हैं, जब बांग्लादेश जैसे देश से लोग जिले में प्रवेश कर सकते है, तो भारत के प्रतिद्वंदी देश पाकिस्तान से लोगों का आना बड़ी बात साबित नही होगी। माना की जिले के तार हमेशा से ही देश विदेश से जुड़े रहे है, फिर चाहे वह अमेरिका हो, पाकिस्तान हो या फिर अब बांग्लादेश लेकिन इस घटना से सबक लेते हुए अगर जिला प्रशासन के द्वारा कोई गम्भीर कदम इस तरह के दूरगामी आंचलों में बैठे झोलाछाफ डॉक्टर्स के खिलाफ़ नही उठाए गए तो इसके परिणाम बेहद गंभीर साबित होंगे जिसका परिणाम जिले ही नही देश के लिए भी भुगतना पड़ सकता है।


फर्जी डिग्री धारी डॉक्टर्स पर की जाए सख़्त कार्यवाही...

 
जिले में न जाने ऐसे कितने बंगाली डॉक्टर्स फर्जी डिग्री की आड़ में अपना व्यापार संचालित कर रहे है। ऐसे प्रत्येक फर्जी डॉक्टर की डिग्री डाक्यूमेंट्स आदि की जांच की जानी चाहिए अगर ऐसा होगा तभी इन लोगों की सच्चाई सामने आएगी और उनके विरुद्ध कार्यवाही की जा सकेगी।  लेकिन सोचने वाली बात है कि दमोह जिले में आधार कार्ड पैन कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज भी फर्जी तरीके से बनाए जा रहे हैं। जिसकी शासन प्रशासन के लिए भनक भी नही, ऐसे संवेदनशील मामलों में निष्पक्ष रूप से जांच उपरांत ठोस कार्यवाही होनी चहिए। जिससे आगे इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न की जा सके। हालाकि इस बड़ी कार्यवाही से फर्जी डिग्री धारी मुन्ना भाई डॉक्टर्स में हड़कंप मच गया है।

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